https://youtu.be/rhEe14mnbKo?si=cRGsmeYcLVdMWeZR

ठुमक चलत रामचंद्र, बाजत पैंजनियां किलकिलात उठत धाय, गिरत भूमि लटपटाय धाय माय गोद लेत, दशरथ की रनियां विद्रुम से अरुण अधर, बोलत मृदु वचन मधुर सुन्दर नासिका बीच, लटकत लटकनियां मेवा मोदक रसाल, मन भावे सो लेहो लाल और लेहो रुचिर पान, कंचन झुन झुनिया तुलसीदास अति आनंद, अति आनंद , निरखी के मुखारविंद रघुवर की छबि समान, रघुवर मुख बनियाँ


https://youtu.be/rhEe14mnbKo?si=cRGsmeYcLVdMWeZR

Comments

Popular posts from this blog

SOMETHING REALLY SPECIAL

1222 FOOD SPECIAL PULIYODHARAI/PULI SADHAM AND LEMON RICE.1223 TOO